- शिवालिक फार्म हाउस में चली गोली, एक की मौत
- जमीनी रंजिश को लेकर हो रही बैठक में हुई फायरिंग, दो की हालत गंभीर
सहारनपुर। सहारनपुर के गणेशपुर गांव के पास स्थित शिवालिक फार्म हाउस में रविवार को प्रॉपर्टी विवाद के दौरान शांति वार्ता गोलियों की तड़तड़ाहट में बदल गई। दावा किया जा रहा है कि बैठक के दौरान करीब 200 राउंड फायरिंग की गई, जिससे पूरा शिवालिक इलाका दहल उठा।
अचानक हुई गोलीबारी से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी, हालांकि अभी तक फायरिंग करने वालों की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। मामला थाना बिहारीगढ़ क्षेत्र का है।
प्रॉपर्टी के पार्टनर पंकज शर्मा काफी समय से जमीन खरीदने और बेचने के कारोबार से जुड़े हैं। उन्होंने बिहारीगढ़ क्षेत्र में देहरादून, बिहारीगढ़, गाजियाबाद, बड़ौत और बुलंदशहर के रहने वाले लोगों के साथ मिलकर पार्टनरशिप में जमीन खरीदी हुई है, जिसमें करीब आठ से दस लोग शामिल हैं।
इसी जमीन से जुड़े समझौते को लेकर रविवार को गणेशपुर गांव के पास शिवालिक फार्म हाउस में बैठक बुलाई गई थी। बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई, जो धीरे-धीरे हाथापाई में बदल गई। हालात इतने बिगड़े कि अचानक ताबड़तोड़ गोलियां चलने लगीं।
गोलीकांड में थाना नागल के गांव साधारणपुर सिर गांव निवासी शिवम (22) की गोली लगने से मौत हो गई। बागपत के बडौत निवासी मनीष और गाजियाबाद के योगेंद्र गोली लगने से घायल हो गए। घटना शिवालिक फार्म हाउस पर हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। जबकि घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।
वहीं, फोरेंसिक की 5 टीम घटनास्थल पर रातभर सबूत इकट्ठा करते रही। हरियाणा के गुरुग्राम के रहने वाले पंकज शर्मा ने पुलिस को बताया कि उसने देहरादून के सुनील वर्मा के पार्टनरशिप में बिहारीगढ़ में निर्माणाधीन धरातल ग्रीम कॉलोनी में करीब डेढ़ माह पहले किराए पर फार्म हाउस लिया था। फार्म हाउस पर वो सप्ताह में दो से तीन के लिए आता है। 2017-18 में बिहारीगढ़ में 87 लाख में जमीन खरीदकर महादेवपुरम कॉलोनी काटी थी।
उसने बताया कि 2019 में देहरादून निवासी सुनील वर्मा, ट्रांसपोर्ट नगर निवासी शक्ति सिंह, सुंदरपुर निवासी अजय सिंह कॉलोनी में पार्टनर बने थे। पंकज शर्मा का आरोप है कि जमीन खरीदने में उसने सबसे ज्यादा 38 लाख रुपए दिए थे। प्लाट बेचने के बाद उसे मुनाफे की रकम नहीं मिल सकी। 2024 में इसको लेकर विवाद चल रहा था।
रविवार को सुनील वर्मा ने उन्हें धरातल ग्रीन कॉलोनी स्थित फार्म हाउस पर बुलाया था। सुनील वर्मा पक्ष से करीब 20 लोग और उसकी ओर से 10 से 12 लोग आए थे। इसी दौरान रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि सुनील, अजय सिंह, शक्ति सिंह ने पिस्टल से ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दी।
फायरिंग के दौरान पंकज शर्मा पक्ष के सहारनपुर के नागल क्षेत्र के शिवम के सीने में गोली लग गई। बागपत के बड़ौत निवासी योगेंद्र गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया और इलाज के दौरान शिवम की मौत हो गई।
मृतक शिवम राणा के चचेरे भाई राजेंद्र राणा ने बताया कि परिवार का उस जमीन को लेकर कोई विवाद नहीं था। लेकिन दूसरा पक्ष सुनील वर्मा जमीन पर कब्जा करना चाहता था। उसने उत्तराखंड के करनी सेना के प्रदेश अध्यक्ष शक्ति सिंह को हायर किया था। उसके साथ सैंकड़ों बदमाश रहते है और जमीनों पर कब्जा करते हैं।
मामले में बात करने को लेकर बुलाया था। जैसे हम वहां पहुंचे तो करीब 20 से 30 लोग वहां पर दूसरे पक्ष के थे। उन्होंने देखे ही गोलियां चलाना शुरू कर दिया। जिसमें शिवम के साइड से गोली लगी और आरपार हो गई। जबकि दो लोग घायल हो गए।
मैं भी वहां मौजूद था। गोलियां लगातार चल रही थी। करीब 200 राउंड गोली लगी। बड़ी मुश्किल से सभी ने जान बचाई। इतने लोगों में 5 लोगों की पहचान हुई है। सुनील वर्मा, शक्ति सिंह, विक्की राणा, ग़यूर और ललित बोहरा थे। विक्की राणा बड़ा बदमाश है, जिसने 3 साल पहले देवबंद में भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद पर गोली चलाई थी और वो घायल हो गए थे।



