गैरसैंण। प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में मंगलवार से विधानसभा सत्र शुरू रहा है। इसको लेकर सियासी पारा पूरी तरह चढ़ गया है। इस बार का सत्र काफी हंगामेदार होने के आसार हैं। जहां एक ओर सदन के भीतर विपक्ष विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर चुका है, वहीं सड़क पर भी भारी उबाल देखने को मिल सकता है। दूसरी तरफ मंत्रियों को 31 विधायकों के 426 सवालों के जवाब भी देने होंगे।
उत्तराखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र कल से भराड़ीसैंण मेंरू उत्तराखंड विधानसभा का विंटर सेशन 27 अक्टूबर से भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में शुरू होने जा रहा है। सत्र के पहले ही दिन प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस, प्रदेश प्रधान संगठन और उत्तराखंड क्रांति दल के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ विधानसभा घेराव का ऐलान किया है. इस दोतरफा चुनौती से निपटने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
प्रदर्शनकारियों और जन-आंदोलनकारियों के तेवरों को देखते हुए प्रशासन ने विधानसभा परिक्षेत्र को सुरक्षा के लिहाज से पूरी तरह अभेद्य किला बना दिया है। आंदोलनकारियों को विधानसभा भवन तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस ने दुकमुतासैंण, विधानसभा के मुख्य प्रवेश द्वार दीवालीखाल, जंगलचट्टी, परवाड़ी मोटर मार्ग और सारकोट मोटर मार्ग जैसे संवेदनशील व रणनीतिक रास्तों पर सुरक्षा बल की तैनाती व बैरिकेडिंग तैयार किए हैं। इन सभी प्रमुख स्थानों पर कंटीले तारों की तारबाड़ के साथ लोहे के ऊंचे-ऊंचे और मजबूत गेट लगाकर मजबूत बैरिकेडिंग की गई है, ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखा जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रहे चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने तैयारियों की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि विधानसभा सत्र लोकतंत्र का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र पर्व है। सत्र को शांतिपूर्ण, निर्बाध और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। हमारा मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सत्र की गरिमा बनी रहे और स्थानीय जनता व राहगीरों को आवागमन में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि संपूर्ण विधानसभा क्षेत्र और गैरसैंण परिक्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से 5 सुपर जोन और 13 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन और सेक्टर की निगरानी के लिए एडिशनल एसपी (अपर पुलिस अधीक्षक) और डिप्टी एसपी (पुलिस उपाधीक्षक) रैंक के वरिष्ठ अधिकारियों को मोर्चे पर तैनात किया गया है। ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि, विधानसभा सचिवालय की ओर से सत्र के सुचारू संचालन के लिए जरूरी तैयारियां की जा रही हैं।
अध्यक्ष ने भरोसा जताया कि सत्र के दौरान विधायकों को अपनी बात रखने और जनसमस्याओं को सदन में उठाने का पर्याप्त अवसर देने का प्रयास किया जाएगा। सत्र के लिए 31 विधायकों ने 426 सवाल लगाए हैं।विधानसभा सत्र की कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग एवं वेबकास्टिंग, सूचना एवं लोक संपर्क विभाग और आईटी विकास अभिकरण की ओर से की जाएगी। इससे प्रदेश की जनता भी पारदर्शिता के साथ सदन की कार्यवाही से जुड़ सकेगी।




