हत्या के मामले में फरार चल रहे दो ईनामी आरोपी गिरफ्तार

हत्या के मामले में फरार चल रहे दो ईनामी आरोपी गिरफ्तार

देहरादून। पुलिस ने हत्या के मामले में फरार 20-20 हजार के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनको न्यायालय में पेश किया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। मिली जानकारी के अनुसार कोतवाली डालनवाला पर पिन्टू कुमार निवासी राजपुर रोड निकट सिल्वर सिटी, ठाकुर इंफ्रा हमीलिया, देहरादून ने एक लिखित तहरीर दी कि मौहम्मद हुसैन पुत्र नसीम निवासी- धमेला, सहारनपुर व उसके साथी मौहम्मद आसिफ पुत्र शराफत निवासी सरदाहेड़ी, सहारनपुर, द्वारा उसके चाचा रामफल ऋषि व उसके साथ काम करने वाले एक अन्य व्यक्ति हसन पुत्र यूनुष के साथ गाली-गलौज कर लोहे के सरिया से हमला किया गया, जिससे उसके साथी हसन के हाथ में फ्रैक्चर हो गया तथा उसके चाचा रामफल ऋषि को गम्भीर चोटें आई।

पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मुकदमें की जांच के दौरान विवेचक द्वारा पिन्टू व मौके पर उपस्थित अन्य गवाहों के साथ साथ घटना में घायल व्यक्तियों का उपचार कर रहे चिकित्सक के बयान लिए गए, घटना में वांछित आरोपी की गिरफ्तारी हेतु दबिशें दी गयी परन्तु दोनों आरोपी घटना के बाद से ही लगातार फरार चल रहे थे, जिस पर आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु विवेचक द्वारा न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट प्राप्त किये गये थे।

उपचार के दौरान पिन्टू कुमार के चाचा रामफल ऋषि की उपचार के दौरान मृत्यु हो गयी, जिस पर मुकदमा उपरोक्त में धारा की बढ़ोत्तरी की गयी। आरोपियों के लगातार फरार चलने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा उनकी गिरफ्तारी पर 20-20 हजार रुपये का ईनाम घोषित करते हुए उनकी गिरफ्तारी हेतु कोतवाली डालनवाला पर पुलिस टीम गठित की गई। गठित टीम द्वारा सुरागरसी पतारसी करते हुए तथा सर्विलांस के माध्यम से भी दोनो आरोपियों के संबंध में जानकारियां एकत्रित की गई।

प्राप्त जानकारी की सूचना पर मुकदमें में फरार चल रहे दोनों ईनामी आरोपियों को ग्राम सरदाहेड़ी, थाना फतेहपुर, जिला सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ पर मोहम्मद हुसैन द्वारा बताया कि वह शटरिंग का ठेकेदार है तथा मूल रूप से ग्राम सरदाहेडी सहारनपुर उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। उसने राजपुर रोड में निर्माणाधीन ठाकुर इंफ्रा बिल्डिंग में शटरिंग का ठेका अभिषेक ठेकेदार से लिया था तथा अपने गाँव के मोहम्मद आसिफ तथा अन्य मजदूरों के साथ घटना से करीब 15 दिन पहले निर्माणाधीन साइट पर काम शुरू किया था।

उस साइट पर पूर्व में फिरोज, जो कि सरिये का ठेकेदार है, उसका रिश्तेदार ही शटरिंग का काम करता था। काम शुरू करने के बाद उनके काम को देखते हुए साइट मैनेजर अभिषेक ने दूसरे शटरिंग के ठेकेदार को वहां से हटा दिया, जिस बात को लेकर फिरोज और उसके लेबर उनसे चिढ़ने लगे। घटना के दिन 24 मई 2026 को रात्रि करीब साढे आठ से 9 बजे के बीच वह अपने अन्य साथियों के साथ निर्माणाधीन बिल्डिंग में काम रहा था।

इस दौरान ठेकेदार फिरोज के लड़के मोहम्मद अन्ना से उसके लेबर मोहम्मद आसिफ के साथ सरिया की रिंग हटाने को लेकर विवाद हो गया था। जिस पर उन्होंने मौके पर झगड़े को समाप्त करने के उद्देश्य से अपने लेबर आसिफ व उसके साथ झगड़ रहे अन्ना और उसके साथ खड़े लड़के को गाली देते हुए वहाँ से जाने को कहा। इस बात को लेकर मोहम्मद अन्ना और उसके साथी का आरोपी से विवाद हो गया तथा आरोपी ने उन दोनों को गुस्से में थप्पड़ मार दिया।

इतने में वहां पर काफी लोगों की भीड़ इकट्ठा होने पर आरोपी तथा उसके साथी आसिफ ने पास पड़ी लोहे की सरिया उठा ली और वहां खड़े लोगों पर सरिया से हमला करते हुए मौके से भाग गये। घटना के बाद दोनों आरोपी कमरे से अपना पैसा लेकर निर्माणाधीन साइट से निकल गए तथा घटना में प्रयुक्त लोहे की सरिया को अपने कमरे में ही छोड़ दिया और सीधे अपने गांव लौट गए। गांव लौटने के बाद उन्हें पता चला कि जिस आदमी को सरिया लगा था, वह गंभीर रूप से घायल हो गया है।

जिसके बाद दोनों आरोपी गांव से फरार हो गए और पुलिस से बचने के लिए अलग-अलग जगहो मे भटकते रहे। मामले को शांत समझ कर कल जैसे ही दोनो आरोपी गाँव मे वापस आए, पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशादेही पर पुलिस द्वारा मारपीट में प्रयुक्त लोहे के सरिया (जिससे मारने पर रामफल ऋषि की मृत्यु हुयी थी) को बरामद किया गया। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here