- प्रचार पर 125 करोड़ अतिरिक्त, आपदा सुरक्षा के लिए बजट कम
- मुख्यमंत्री की घोषणाओं के 200 करोड़ का हिसाब मांगा
देहरादून। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने 7,844 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट को जनहित से भटका हुआ बताते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी वर्ष में सरकार युवाओं को लुभाने और अपनी छवि चमकाने पर अधिक ध्यान दे रही है, जबकि प्रदेश बेरोजगारी, पलायन, आपदा और बदहाल शिक्षा व्यवस्था जैसी समस्याओं से जूझ रहा है।
आर्य ने कहा कि सूचना विभाग को विज्ञापनों के लिए 125 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि दी जा रही है। इससे विभाग का बजट बढ़कर 675.13 करोड़ रुपये हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि धामी सरकार पिछले पांच वर्षों में विज्ञापनों पर 1,001 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर चुकी है। उन्होंने सवाल किया कि जब युवा रोजगार और आपदा प्रभावित परिवार मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं, तो प्रचार पर इतनी बड़ी राशि क्यों खर्च की जा रही है?
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री की घोषणाओं के लिए 100 करोड़ रुपये के अतिरिक्त प्रावधान पर सवाल उठाते हुए कहा कि मूल बजट में भी 100 करोड़ रुपये रखे गए थे। इस तरह सात महीनों में इस मद में कुल 200 करोड़ रुपये का प्रावधान हो गया, लेकिन सरकार यह स्पष्ट नहीं कर रही कि धनराशि किस जिले और किस परियोजना पर खर्च होगी। उन्होंने इसकी जिलेवार और कार्यवार सूची सदन में रखने की मांग की।
टैबलेट पर 200 करोड़, स्कूलों के लिए महज 5.76 लाख
आर्य ने माध्यमिक और उच्च शिक्षा में टैबलेट वितरण के लिए 200 करोड़ रुपये के प्रावधान को चुनावी कदम बताया। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की कमी से जूझ रहे हैं, जबकि राजकीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए अनुपूरक बजट में मात्र 5.76 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
आपदा सुरक्षा और वन्यजीव संघर्ष पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मानसून के दौरान बाढ़ सुरक्षा के लिए 10 करोड़, वनाग्नि रोकथाम के लिए 7.07 करोड़ और मानव-वन्यजीव संघर्ष से निपटने के लिए 3.20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने इन मदों के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों को समय पर मुआवजा देने की मांग की।
आर्य ने राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि से संबंधित व्यय में पर्यटन के लिए 75 करोड़ रुपये रखे जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सरकार से इस राशि के उद्देश्य और परियोजनावार खर्च का विवरण सार्वजनिक करने को कहा।




